रचयिता-मीराआर्ची चौहान
जिला -कांकेर,छग
शीर्षक-मोक्ष
विधा-कविता (मुक्त छंद)
जन्म-मरण के बंधन से
मुक्ति ही मोक्ष है ।
अनादि अनंत शिव का
स्थान सर्वोच्च है ।
शिव ही कल्याणकारी
शिव ही सत्य है ।
शिव ही सनातन मृत्युंजय
शिव संहारक हैं ।
जीवन में नित सत्कर्म करें
खोलें मोक्ष का द्वार।
भवबंधन से मुक्ति पायें
जीवन का यही सार।
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