स्थान --नवापारा खुर्द /सक्ति
जिला--- जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विधा---आलेख
विषय --पूर्वाग्रह
शीर्षक-- पूर्वाग्रह पर लोगों के विचार
पूर्वाग्रह से ग्रसित मनुष्य को वह जिस मार्ग पर चल रहा है जिन नियमों को मान रहा है जिसके पक्ष में उसका मन है उससे उसे निकाल पाना बहुत ही असंभव कार्य है । कोशिश करना ही बेकार है ।आप चाहेंगे उसके मन में जो बात घर कर गया है वह उससे बाहर निकले लेकिन अगला निकलना नहीं चाह रहा है वहां पर क्या कर पाएंगे । आपके मन को भी वह प्रभावित कर देगा ।आप भी उसके बारे में सोचने लगेंगे ए कैसा व्यक्ति हैं उसके हित के बारे में हम कह रहें हैं सुनने को तैयार नहीं है ।
पूर्वाग्रह पहले से चली आ रही सकारात्मक नकारात्मक विचार धाराएं एवं उन पर आस्था रखना , अंधानुकरण पालन। वर्तमान गुण दोष लाभ हानि के प्रभावक तत्वों को नकारना ।
हर उम्र और समाज के लोगों में यह किसी भी क्षेत्र में देखा जा सकता है बस वह बालिग हो गया हो । वर्तमान समय में हमारे देश में चल रहे किसान आन्दोलन भी पूर्वाग्रह से ग्रसित ही कहा जायेगा । किसानों के हित के लिए कुछ कानून बनाए गए हैं । किसान मानने को तैयार नहीं है । लेकिन हित होगा कि नहीं यह भी विचारणीय प्रश्न है । जिस कानून को बनाया गया है अगर उसकी आवश्यकता ही नहीं थी क्यों बनाया गया अगर आप किसान के शुभ चिंतक है
दूसरे माध्यम से ही कल्याण किया जा सकता है ऐसा क्यों नहीं सोचा गया ।
एक नेता से मतदाता इतना अधिक प्रभावित है कि वह कुर्सी पाने अपने स्वार्थ के लिए किसी भी दल में शामिल होता जीत जाता है ।और मतदाता नहीं देखता कि दल बदल रहा है कुछ तो कारण होगा बार बार जीताए जा रहा है ।
एक व्यक्ति शराबी को गलत मानता है कुछ शराबियों के द्वारा कुछ गलत कर दिया गया है ।
नारियों पर पुरुष के दृष्टिकोण,एक शिक्षक का विद्यार्थी के प्रति दृष्टिकोण,एक चरित्र है।
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