Wednesday, February 3, 2021

मोनालिसा बेहरा की रचना- इम्तिहान

रचियता-मोनालिसा बेहरा
सुंदरगढ़, ओडिशा
विधा-कविता
विषय-इम्तिहान


जिंदगी इम्तिहान लेती है
पल-पल कसौटी पे कसती
आसमान छूने का हमें
हौसला दिलाती है।

जो डटकर मुकाबला करते हैं
अश्रु,स्वेद,रक्त बहा ,निर्भीक,
निरंतर आगे बढ़ते जाते हैं
क़दमों में उनके ही तो 
ये पूरा जहाँ झुकती है।

जिंदगी इम्तिहान लेती है 
हमें भंवर में उलझा कर
मझधार से निकलना
और साहिल को पाना
कभी हार ना मानना सिखाती है।

धरती और आसमान में
नाम उसी का गुंजित होता है
जो इम्तिहानों से लड़ पड़ते हैं
अपने बल पे भरोसा रख
हर इम्तिहान में सफल होते हैं।

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