स्थान---- नवापारा खुर्द सक्ति
जिला -----जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
विधा---- कविता /आलेख
विषय---नई सुबह 2021
शीर्षक---नये वर्ष की नई सुबह 2021
नये वर्ष की नई सुबह ,आज बिताया हूं ।
कुछ स्वप्न कुछ कल्पना ,मन में बसाया हूं ।
मन ही मन प्रश्न जगे , उत्तर भी खोज लिया ।
एक पल भी नहीं लगे , मन भरपूर साथ दिया ।
नये वर्ष नई राह की ओर,कदम बढ़ाया हूं ।
देखूंगा नहीं पीछे पलटकर, आगे है जाना ।
चलना है संभल संभल कर, मंजिल है पाना ।
नये वर्ष में नई पाठ, पढ़ने को बनाया हूं ।
मित्र रहेंगे वही मेरे , इस साल न बदलेंगे ।
शत्रुता की राहों पर,हम कदम न रखेंगे ।
शत्रुता के भावों को, मैं मन से मिटाया हूं ।
नये वर्ष में नई जीवन की, हो गई है शुरुआत ।
ऐसे ही जीवन मुझे है जीना ,पूरे दिन और रात ।
पहला दिन मेरा ऐसा गया, खूब हरषाया हूं ।
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