ग्राम -बुलाँकी
जिला -रायगढ (छत्तीसगढ़)
विधा- कविता
विषय - "शहद"
दिनांक -02/01/2021
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*शहद*
शहद एक वस्त है, गुणकारी है,
औषधियों में बहुत लाभकारी है।
माई बनाती है फूलों से शहद,
बागियों में फूलों का मंहक।
सौरभ उड़ती है वन मधुवन,
मधुमक्खी जाती है बगियन
भौतिक रासायनिक क्रिया से,
मधुर ,मधुशहद बन जाती है।
छत्ता में रस संग्रहण कर,
मधुमक्खी परिवार खाती है।
शहद के हैं अनेक गुण ,
शहद है औषधि का रूप ।
इसमें है अनेक पोषक तत्व,
तभी तो है इसका महत्व।
अनेक रोग दूर होते हैं,
निरोगी गुणगान करते हैं।
विगत से आगत तक लोग,
शहद इस्तेमाल कर रहे हैं ।
औषधि के रूप में प्रयोग करते ,
अक्सर मनु निरोग रहते हैं ।
शहद का होता अनेक उपयोग,
नियम से खाएं इसे रोज ।
परहेज पर ध्यान देकर ,
हरदम रहें लोग निरोग।
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उर्मिला सिरायगढ़ छत्तीसगढ़
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