Thursday, January 28, 2021

दूजराम साहू "अनन्य" की रचना- छेरछेरा

दूजराम साहू "अनन्य"
निवास- भरदाकला (खैरागढ़ ) 
जिला :-राजनांदगाँव (छ ग) 
विषय :- छेरछेरा


छेर छेरा गीत 
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छ.ग. में छेरछेरा पुन्नी में गायें जाने वाले लोकगीत जिसे डंडा नृत्य के साथ 
प्रस्तुति किया जाता है । 

तन्ना रे नन्ना  मोर नन्ना रे भाई । 
गली गली नाचो डंडा रे भाई ।। 

संडेवा काड़ी के डांड़ी बनायेव, 
जुवाड़ी काड़ी के बंडी रे भाई । 
भथुआ काड़ी के जुड़ा बनायेव, 
धाने जोरेव ओमा खंडी रे भाई  ।। 

नान नान मुसवा ल बईला बनायेव, 
खोचका डिपरा म धिरे रेंगायेव  । 
अमली डारा के  सोंटा बनायेव, 
पटपर भांठा में पल्ला कुदायेव  ।। 

अंगरी म कोड़ी कोड़ी मिर्चा लगायेव,
मिर्चा फरे लहालोट  रे भाई । 
मिर्चा के टोरत ले होगे कुबेरा, 
सासे ननंद गारी  दिही रे भाई  । 

तारा भई तारा अंगरेजी के तारा, 
जलदी बिदा देबे जाबो दूसर पारा । 
अंडा के घर बना ले पखरा के टुहू टुहू, 
छेरीक छेरा छेर मरकनीन छेर छेरा , 
माई कोठी के धान ल हेर हेरा
अरन बरन कोदो दरन , 
जभे देबे तभे टरन  ll

त्रुटियाँ होने पर क्षमा चाहता हूँ। 

दूजराम साहू"अनन्य "
निवास -भरदाकला
तहसील- खैरागढ़ 
जिला -राजनांदगांव (छ.ग.)

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