जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-नई सुबह 2021
विधा- (कविता)मुक्त छंद
नई सुबह 2021 का उगता सूरज,
प्रगति का नया संदेशा लेकर आये
आज की शाम का ढलता सूरज,
सफलता का नया संदेशा दे जाए
रोशनी से नहायी नई -नई सुबह हो
करोना का भय न ही आतंक हो
हर मानव के नव सपनें पूर्ण हों
मेरे शहर में भाई चारा,अमन हो।
रक्तिम आभा युक्त सूर्य कहता है,
न डर तिमिर से चीर कर तम को
उठ झिलमिल सितारों को देख,
तुझे ही देखकर चमचमा रहे हैं ।
बढ़ उगते सूरज के संग ही चल,
हो सके तो सूरज स पहले जाग
अपने सोये मन को जल्द जगा ,
आ चल सूरज से आगे निकल।।
मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
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