ग्राम - बुलाकी
जिला - रायगढ़ छत्तीसगढ़
विधा - कविता
विषय - नई सुबह
दिनांक - 01/01/2021
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*नई सुबह*
आओ हम खुशियांँ मनाएंँ
प्यार का गीत हम गायें।
आया है नूतन वर्ष आज,
मिलकर करें हम स्वागत।
(1)
स्वयं को हम पहचान कर,
आने का प्रयोजन हम जाने।
जिंदगी जीने का क्या शैली हो,
विचार कर मन में भालें।
आओ हम खुशियांँ मनाएंँ,
प्यार का गीत हम गायें।
(2)
परिवार में एक विचार हो,
संबंधों में प्रेम भाव हो।
सम्मानित कर, सम्मान पाएंँ,
ऐसा व्यवहार हम अपनाएंँ।
आओ हम खुशियाँं मनाएं ,
प्यार का गीत हम गायें।
(3)
समझ से समाधान पाएंँ,
श्रम से पाएंँ समृद्धि।
विश्वास से अभय पाएँ,
ऐसा बनाएँं हम संस्कृति।
आओ हम खुशियांँ मनाएंँ,
प्यार का गीत हम गायें।
(4)
नई सुबह आया है,
खुशियों का सौगात लाया है।
अपना पराया त्याग कर हम,
सभी से गले लगाएंँ।
आओ हम खुशियाँं मनाएंँ,
प्यार का गीत हम गायें।
(5)
न कहीं द्वेष भाव हो,
सभी में सख्य भाव हो।
उपयोगी बनकर हम,
परस्परता में पूरक निभाएँ।
आओ हम खुशियां मनाएंँ,
प्यार का गीत हम गायें।
(6)
नए वर्ष की शुभकामनाएं,
हो जन-जन में मित्र भावनाएँं।
रब से दुआ है हमारी,
सर्व शुभ हो सभी की।
आओ हम खुशियां मनाएंँ,
प्यार का गीत हम गायें।
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उर्मिला सिदार
रायगढ़ छत्तीसगढ़
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