Tuesday, January 26, 2021

पुष्पा ग़जपाल पीहू की रचना- तिरंगा

नाम- पुष्पा ग़जपाल पीहू
महासमुंद
राज्य - छत्तीसगढ़
दिनाँक -- 26--01--21
विधा - रोला
सृजन शब्द -तिरंगा

है पावन गणतंत्र , चलो  लहराये झंडा।
करे दृढ़  संकल्प , हाथ में थामे डंडा।
जन -गण का त्योहार, झूम कर खुशियाँ बाँटे ।
रहे  तिरंगा   साज ,  हटे हैं पथ से काँटे।।

सजे  तिरंगा आज  , देख दुश्मन हैं काँपे।
केसरिया  है  ताज , वीर धरती को नापे।
भारत माँ के  शान , रंग  सुंदर है सजते।
चरणन झुके सपूत , पीर  माता के हरते।।

माने हम उपकार , देश में है  आजादी।
करें सदा  सत्कार , प्रेम  से पहने  खादी ।
करे  तिरंगा  साज , आज अंबर लहराये ।
करते वीर बखान, मगन हो जन इतराये।।

जन गण मन का गान , देश भारत है गाता।
पाये  जन  गणतंत्र  ,  खुशी  से मन भर जाता।
खुशियाँ  बाँटे लोग ,  भरे  मानुष  मन समता।
भरे अंतस  उत्साह , मात  से  पाये   ममता।।

पुष्पा ग़जपाल पीहू
महासमुंद (छ. ग.)

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