महासमुंद
राज्य - छत्तीसगढ़
दिनाँक -- 26--01--21
विधा - रोला
सृजन शब्द -तिरंगा
है पावन गणतंत्र , चलो लहराये झंडा।
करे दृढ़ संकल्प , हाथ में थामे डंडा।
जन -गण का त्योहार, झूम कर खुशियाँ बाँटे ।
रहे तिरंगा साज , हटे हैं पथ से काँटे।।
सजे तिरंगा आज , देख दुश्मन हैं काँपे।
केसरिया है ताज , वीर धरती को नापे।
भारत माँ के शान , रंग सुंदर है सजते।
चरणन झुके सपूत , पीर माता के हरते।।
माने हम उपकार , देश में है आजादी।
करें सदा सत्कार , प्रेम से पहने खादी ।
करे तिरंगा साज , आज अंबर लहराये ।
करते वीर बखान, मगन हो जन इतराये।।
जन गण मन का गान , देश भारत है गाता।
पाये जन गणतंत्र , खुशी से मन भर जाता।
खुशियाँ बाँटे लोग , भरे मानुष मन समता।
भरे अंतस उत्साह , मात से पाये ममता।।
पुष्पा ग़जपाल पीहू
महासमुंद (छ. ग.)
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