ग्राम -बुलाँकी
जिला -रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
विधा- आलेख
विषय -क्रिसमस
दिनांक -24 /12 /2020
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*क्रिसमस*
हमारा भारत एक विशाल देश है। यहांँ अनेक जाति ,वर्ग संप्रदाय धर्म एवं अनेक संस्कृति के लोग निवास करते हैं ।इन्हीं धर्मों में से एक धर्म ईसाई धर्म है ।जिसे क्रिश्चियन कहा जाता है ।
ईसाई धर्म के मानने वाले लोग, ईसा मसीह के विचारों को मानते हैं ।ईसा मसीह को भगवान के रूप में मानते हैं और उन्हें भगवान का दूत कहते हैं। उनकी वाणी को ईश्वर का संदेश कह कर निर्वहन करते हैं। क्रिसमस डे भगवान यीशु मसीह के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इसे भारत में बड़े दिन के नाम से भी जाना जाता है। ईसा मसीह के जन्मदिन को बड़े निष्ठा ,श्रद्धा भक्ति और विश्वास के साथ मनाते हैं ।ईसा मसीह ने लोगों को सही कार्य -व्यवहार के साथ जीने के लिए विशेष संदेश लोग दिए हैं। पहला संदेस- माफी मांगना दूसरा है ,माफ करना और तीसरा है प्रेम भाव से रहना अर्थात एक दूसरे का सहयोगी बन के रहना ।अगर इन तीन बातों पर मनुष्य अमल करता है तो वह निश्चित तौर पर अपने जीवन में सुख -शांति के साथ जीता हुआ ,अपने को मानव के रूप में प्रमाणित कर सकता है। हर धर्म का एक ही लक्ष्य होता है ,कि मनुष्य सभी के साथ प्रेम भाव से जी पाए ।इस प्रेम भाव को वही व्यक्ति पा सकता है ,जो ईसा मसीह के बनाए हुए नियमों का पालन करता है ।इसी नियम को पालन करते हुए, ईसा मसीह की याद में जन्म महोत्सव को हर्षोल्लास के साथ क्रिसमस के रूप में 24 दिसंबर को मनाया जाता है । एक दूसरे को तोहफा भेंट की जाती है और सारी क्लेशो से दूर हो कर सभी के साथ प्रेम पूर्वक खुशी मनाते हैं ।ईसा मसीह मनुष्य को प्रेम भाव से जीने के लिए संदेश दिया है। प्रेम वह भाव है इस भाव से हम एक दूसरे के विकास और जागृत होकर जी पाएंगे। इसी उद्देश्य को लेकर यह त्यौहार विगत से चली आ रही है। यह त्यौहार ईसाई धर्म के मानने वालों के लिए एक पवित्र त्योहार माना जाता है ।अतः इसकी पवित्रता को बनाए रखते हुए यह त्यौहार प्रतिवर्ष 24 दिसंबर को पूरे विश्व में हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है और ईसा मसीह के प्रार्थना करते हैं। यीशु हम खुश रहें और इस संसार को खुश रखने में हमें ,हमेशा प्रेरित करते रहें। इस त्यौहार की यही सार्थकता है।
उर्मिला सिदार रायगढ़ छत्तीसगढ़
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