पेंडरवानी , बालोद , छत्तीसगढ़
विषय - क्या होती है कविता ?
शीर्षक - कविता क्या है?
कविता क्या है?
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दिल के तारों को छेड़ दे, वो उदगार है ,
हर किसी को जोड़कर रखें, वो प्यार है ,
जीवन का अभिन्न हिस्सा है कविता ,
कविता हँसी है अपनो की नोकझोक है तकरार है ,
विरह में छलक पड़े वो नयन नीर है ,
तूफान भरे मन मे एक संवेदना का तीर है,
फलसफा है जीने का , कविता कहीं ,
कभी घोर परिश्रम तो कभी तकदीर है ,
सूरज की किरणें है, चंदा की चांदनी है ,
पावस में हँसती , नांचती दामिनी है ,
लय है, साज है , पंछियों की परवाज है ,
किसी अंतर्मुखी चातक का अनकही आवाज है ,
सरगम है लहरों का, हवाओं का शोर है ,
कहीं डूबती साँझ है, कहीं निकलता भोर है ,
आत्मबल है, चिंतन है, आत्मा की पुकार है,
रणक्षेत्र में रणभेरी का , दहाड़ता हुंकार है ,
करुणा है , शीतलता है और क्षमा दान है,
अस्थिर मन द्वंदों का , कविता ही समाधान है,
रंग है , खुशी है , उमंग है कविता ,
सुख- दुख को संजोए एक तरंग है कविता ,
वास्तव में जीवन की कसौटी पर कसीं है ,
कविता में जीवन है , ये अंतर्रात्मा में बसी है,
नवरसों को पारकर , भक्ति का आनंद है ,
निराशा से उबार दे, कविता वो परमानंद है ,
- - शैलेन्द्र चेलक - -
Mst h sir
ReplyDeleteबहुत सुंदर रचना🙏🙏🌼🌼
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