जिला -दुर्ग
विषय -क्रिसमस
विधा-छंदमुक्त त्याग प्रभु यीशु का दर्पण है क्रिसमस,
आओ भगाएं हम सब मन तमस l
साथ सभी का चाहिए हर कदम पर,
विश्व पटल की आशा है सार्थक ll
आवाहन करेंगे प्रभु जी का दें आशीष,
मन की छुपी अभिलाषा होंगे पूर्ण l
संतोष मन में छा जायेगा पाने अभीष्ट ,
आदर्श सोंच होगा सबका संयम चिरंतन ll
मानव कैसे होने चाहिए सीखेंगे आज हम,
केवल काया गरिमा बखान एक माया जी l
कहूँ एक बात अब सोचें हम दयासागर,
निर्भीक मन हो, चेतना समन्वित हो जीवन,
अराधना करें हम महामानव का अति शुभ,
विश्व शांति राह संबल साख शाश्वत जतन l
अमर नाम मानवता के उद्धारक पथ प्रदर्शक,
समूचे विश्व की चाहत तो शान्ति शांति शांति ll
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