Thursday, November 19, 2020

बलौदाबाजार से लीलाधर कुम्हार की रचना- सफलता

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार ( छ. ग. )
विषय - सफलता
विधा - छंद मुक्त कविता
शीर्षक - मानव जीवन की सफलता
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   // मानव जीवन की सफलता //

ध्यान भजन सत्संग जो करता ,
शास्त्र  संत  ईश्वर  को  मानता ,
धर्म  नीति   मर्यादा  में   रहता ,
कर्तव्यनिष्ठ   पुरुषार्थी   प्रबल । 
है मानव  जीवन  वही  सफल ।।

जो  करता  सज्जनों  का संग ,
ज्ञान - भक्ति का  जिसमे  रंग ,
झूठ  कपट  का  नहीं   प्रपंच ,
आडम्बर रहित स्वभाव सरल ।
है मानव  जीवन  वही सफल ।।

जो  सेवा   सत्कर्म   में  आगे ,
दीन - दुखियों को गले लगाते ,
मानवता   का   दीप  जलाते ,
समरसता   का   पीते   जल ।
है मानव जीवन वही सफल ।।

जिसमें  सद्गुण  सदाचार हो ,
सत्य  प्रेम सात्विक विचार हो ,
सुंदर सहज मधुर व्यवहार हो ,
धीर    वीर    गंभीर    अटल ।
है मानव जीवन  वही सफल ।।

देशभक्ति की  जिसमें ज्वाला ,
संस्कृति रक्षक प्रभु मतवाला ,
औरों के हित निज को ढाला ,
संयम त्याग तपस्या का बल ।
है मानव जीवन वही सफल ।।

शबरी ध्रुव प्रह्लाद सा  जीवन ,
तुलसी मीरा जैसे वचन - मन ,
गाँधी  सुभाष  का  अनुकरण ,
पी ले जो  दुनिया  का  गरल ।
है मानव जीवन वही सफल ।।

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