जिला - बलौदाबाजार ( छ. ग. )
विषय - सफलता
विधा - छंद मुक्त कविता
शीर्षक - मानव जीवन की सफलता
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// मानव जीवन की सफलता //
ध्यान भजन सत्संग जो करता ,
शास्त्र संत ईश्वर को मानता ,
धर्म नीति मर्यादा में रहता ,
कर्तव्यनिष्ठ पुरुषार्थी प्रबल ।
है मानव जीवन वही सफल ।।
जो करता सज्जनों का संग ,
ज्ञान - भक्ति का जिसमे रंग ,
झूठ कपट का नहीं प्रपंच ,
आडम्बर रहित स्वभाव सरल ।
है मानव जीवन वही सफल ।।
जो सेवा सत्कर्म में आगे ,
दीन - दुखियों को गले लगाते ,
मानवता का दीप जलाते ,
समरसता का पीते जल ।
है मानव जीवन वही सफल ।।
जिसमें सद्गुण सदाचार हो ,
सत्य प्रेम सात्विक विचार हो ,
सुंदर सहज मधुर व्यवहार हो ,
धीर वीर गंभीर अटल ।
है मानव जीवन वही सफल ।।
देशभक्ति की जिसमें ज्वाला ,
संस्कृति रक्षक प्रभु मतवाला ,
औरों के हित निज को ढाला ,
संयम त्याग तपस्या का बल ।
है मानव जीवन वही सफल ।।
शबरी ध्रुव प्रह्लाद सा जीवन ,
तुलसी मीरा जैसे वचन - मन ,
गाँधी सुभाष का अनुकरण ,
पी ले जो दुनिया का गरल ।
है मानव जीवन वही सफल ।।
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