Friday, November 13, 2020

कसडोल से चेतन सिंह की रचना- मुस्कान

रचनाकार -- चेतन सिंह
पता --------कसडोल, छत्तीसगढ़
विषय ---- मुस्कान
शीर्षक --- मेरी मुस्कान , मेरी मां ---
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मेरी  दुनिया ,  मेरा जहान है तू !
मेरी   धड़कन ,  मेरा प्राण है तू !
मैं जीता हूं , तेरी तश्वीर देख कर,
मेरी  खुशी ,  मेरी  मुस्कान है तू !

तेरी    गोद   में  मैं  पला  बढ़ा !
तेरी उंगली पकड़ मैं आगे बढ़ा !
तूने   दी  जीवन  की हर शिक्षा ,
सफलता की तब मैं सीढ़ी चढ़ा !
ठोकर   लगेगी   मुझको   कैसे ,
मेरी  राहों  की  निगहबान है तू ।
मेरी  खुशी , मेरी  मुस्कान है तू !

तपती दोपहरी में तू ठंडी छांव है !
शीतलहर  चले  तो  तू अलाव है !
झमाझम बारिश का जब दौर हो,
सर  छुपाने का तू एक पड़ाव  है !
चाहे  मौसम  में हो बदलाव कोई ,
तू   ही  धरती ,  आसमान  है  तू !
मेरी   खुशी ,  मेरी  मुस्कान है तू !

मां  भले  ही तू  नहीं , मेरे पास में !
तू बसी है मेरी धड़कन मेरे श्वांस में !
मेरे   रगो   में  है  तू , खूं  बनकर ;
मेरा हर वक्त गुज़रे , इसी  विश्वास  में !
दुनिया पूछे आखिर कौन है "चेतन" ,
" चेतन " की असल पहचान है तू !
मेरी  खुशी ,  मेरी  मुस्कान है तू !

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