पता --------कसडोल, छत्तीसगढ़
विषय ---- मुस्कान
शीर्षक --- मेरी मुस्कान , मेरी मां ---
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मेरी दुनिया , मेरा जहान है तू !
मेरी धड़कन , मेरा प्राण है तू !
मैं जीता हूं , तेरी तश्वीर देख कर,
मेरी खुशी , मेरी मुस्कान है तू !
तेरी गोद में मैं पला बढ़ा !
तेरी उंगली पकड़ मैं आगे बढ़ा !
तूने दी जीवन की हर शिक्षा ,
सफलता की तब मैं सीढ़ी चढ़ा !
ठोकर लगेगी मुझको कैसे ,
मेरी राहों की निगहबान है तू ।
मेरी खुशी , मेरी मुस्कान है तू !
तपती दोपहरी में तू ठंडी छांव है !
शीतलहर चले तो तू अलाव है !
झमाझम बारिश का जब दौर हो,
सर छुपाने का तू एक पड़ाव है !
चाहे मौसम में हो बदलाव कोई ,
तू ही धरती , आसमान है तू !
मेरी खुशी , मेरी मुस्कान है तू !
मां भले ही तू नहीं , मेरे पास में !
तू बसी है मेरी धड़कन मेरे श्वांस में !
मेरे रगो में है तू , खूं बनकर ;
मेरा हर वक्त गुज़रे , इसी विश्वास में !
दुनिया पूछे आखिर कौन है "चेतन" ,
" चेतन " की असल पहचान है तू !
मेरी खुशी , मेरी मुस्कान है तू !
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