राज्य- बलौदा बाजार (छ.ग.)
विधा- कविता
शीर्षक- हिंद देश के वीर जवान
हिंद देश के वीर जवान ।
भारत माँ के सच्चे संतान ।।
सुरक्षा के खातिर डटे हुए।
देख कर शत्रु भगते फिरते हैं मैदान।
देश को इन पर है अभिमान।
हिंद देश के वीर जवान ।।
भारत माता की आन और बान ।
हँसते - हँसते ये देते हैं जान ।
भारत का ऐसा हर वीर जवान।
हिंद देश के वीर जवान ।।
लौट के आए फिर अभिनन्दन।
इनका हम सब करते वंदन ।
हरदम रहते हैं ये सीना तान ।
हिंद देश के वीर जवान ।।
हर पल छिन ये चौकन्ने रहते।
दुश्मन से ये कभी न डरते ।
इनको तभी मिले है सम्मान ।
हिंद देश के वीर जवान ।
भारत माँ के सच्चे संतान ।।
*परमानंद निषाद "प्रिय"*
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