Thursday, November 12, 2020

रायगढ़ से पुष्पा पटनायक की रचना- धनतेरस

रचयिता- पुष्पा पटनायक 
स्थान-बनाई तमनार, रायगढ़ 
विधा- कविता
शीर्षक -"धनतेरस"
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कार्तिक कृष्णपक्ष त्रयोदशी को 
धनतेरस का शुभ दिन होता

समुद्र  मंथन  से  प्रकट  हुए 
धनवंतरी जी की होती पूजा

अमृत- मय   कलश    लिए 
निज हाथों से जग  को दिए

देवताओं ने अमृत पान कर 
दानवों पर विजय प्राप्त किए

त्योहार धनतेरस चलो मनाएं
गहने ,बर्तन ,घर  ले  आएं

चंद्रमा   का   प्रतीक   चांदी 
घर  में लाने  से  शांति छाए

समृद्धि  का  होता जब वास
धनिया  लेकर  आएं   खास 

समृद्धि  से  सुख  मिले और 
सुख से होता दुखों का हास

धन -धान्य  घर  में भरने से
सुख -शांति   आये   अपार

तेरह  दिए  धनतेरस  जलाएं 
सारे   दुखों   से  निजात पाएं

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