जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-भाईदूज
विधा-कविता( मुक्त छंद)
भाई -बहन के स्नेह का त्योहार,
जीवन में खुशियाँ लाती अपार।
बीते बचपन की दिलाती है याद,
कहाँ मिलेगा वैसा ही बुनियाद ।
आशीष और दुआओं का त्योहार,
ईश्वर दें लंबी उमर का उपहार ।
अक्षत रोली रक्षा करे सदा भाई,
बहना देती सदा अनुपम सौगात।
हर खुशी मिले हर पल मेरे भाई,
यादों का दीप जले दिन- रात।।
मीराआर्ची चौहान,
कांकेर,छग
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