स्थान-नवापाराखुर्द सक्ति/
जिला-जांजगीर -चाम्पा/छत्तीसगढ
विधा-कविता
विषय-भाईदूज
शीर्षक-भाईदूज
भाई की लम्बी उम्र का, उपवास भाई दूज ।
आज हैं सभी बहनें,यह बात है प्रमुख ।
भाई आया है दूर से, बहना का घर ।
उसकी रक्षा करने का,यह है सफर ।
दोनों की झोली में, खुशियां और सुख ।
एक माता पिता के, दोनों हैं संतान ।
दोनों को गढ़ने वाला,वही है भगवान ।
जो फल देने में, नहीं करता कुछ भी चूक ।
भाई की पूजा गजब,होती है जग में ।
बहन करती उसका, मंगल कामना पग पग में ।
आज ऐसा हो रहा, होता रहेगा सभी युग ।
भाई बहन का अटूट प्रेम, देख रहे ईश्वर ।
वेष बदल आकर , छुप छुप नभ पर ।
दोनों रिश्तों की बड़ाई, करते अपने मुख ।
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