Tuesday, November 17, 2020

जांजगीर-चांपा से गिरधारी लाल चौहान की रचना- आदमी

नाम---गिरधारी लाल चौहान
स्थान---नवापाराखुर्द/सक्ति
जिला- जांजगीर-चांपा/छत्तीसगढ़
विधा-कविता
विषय---आदमी
शीर्षक-आदमी की पहचान

आदमी को देखकर, पहचानना कठिन ।
उसके गुण अवगुण को, जानना कठिन ।

एक आदमी परहित में,सर्वस्व लुटाता ।
 एक आदमी  देख आदमी  , खुद को छुपाता ।
रहता जीवन, किसी का रात किसी का दिन ।

एक आदमी धन को, खूब कमाये जा रहा  ।
एक आदमी  मतलब नहीं,लुटाये जा रहा ।
कोई आकाश खरीदे, कोई खरीदे  जमीन  ।

कोई आदमी धर्म का, गुणगान कर रहा ।
और इसके आड़ में, दुनियां को ठग रहा ।
कोई ईश्वर को एक कहता, कोई बताये गिन ।

कोई आदमी बुरा है, कोई आदमी भला ।
किसी के पास ज्ञान , किसी के पास कला ।
कोई जीता आजाद, कोई पड़ा पराधीन ।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...