जिला - बलौदाबाजार ( छ. ग. )
विषय - मुस्कान
विधा - छंद मुक्त कविता
शीर्षक - मीठी मुस्कान
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// मीठी मुस्कान //
मुखमण्डल में प्रसन्नता ,
आकर्षक मनभावन ।
शीतल शांति तृप्ति प्रदायक ,
ज्यों बरसात में सावन ।।
मन की प्यास बुझा दे तत्क्षण ,
मीठी है मुस्कान वही.....
प्रेम - खुशी जग में बिखराये ,
भय और शोक मिटाते ।
दया क्षमा सांत्वना के फूल ,
सूखी डाली पर खिलाते ।।
सबको अपनी सुगन्ध बाँटे ,
मीठी है मुस्कान वही.....
राग - द्वेष छल झूठ कपट ,
आडम्बर अभिमान नहीं ।
मधुर मंद निर्दोष निरापद ,
सहज सरल कोई मान नहीं ।।
शिशु जैसा नैसर्गिक स्मित ,
मीठी है मुस्कान वही.....
रोगी दुःखी भ्रमित मानव से ,
दुनिया भरी पड़ी है ।
मदद और मुस्कान चाहिए ,
आश्वासन की तो झड़ी है ।।
मानवता बंधुत्व बढ़े ,
मीठी है मुस्कान वही.....
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