स्थान-बनाई तमनार, रायगढ़
विधा- कविता
शीर्षक -"सफलता"
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सफलता तेरे पग चूमेगी
आज नहीं तो कल
मेहनत कर ले जी तोड़
पसीना बहा ले रस्ते दौड़
कदम- कदम आगे बढ़ा
भले पैर हो जाए मैला
आसमां तक पहुंचेगा
याद रख हर पल
सफलता तेरे पग चूमेगी
आज नहीं तो कल
माना गर्दिश में है आज
चल पाने में तकलीफ है
रख हौसला खुद पर
लक्ष्य में बनाए रख नजर
मंजिल तक पहुचायेगी
मेहनत कर पल- पल
सफलता तेरे पग चूमेगी
आज नहीं तो कल
लाख कांटे पथ में हों
निरंतर आगे बढ़ना
गिर भी जाओ तो
उठकर फिर से चलना
धीरे -धीरे बढ़ते रहना
रुकना नहीं इसका हल
सफलता तेरे पग चूमेगी
आज नहीं तो कल
रुक कर थम मत जाना
पीछे मुड़ मत जाना
रुक, थोड़ा सुस्ता लेना
भले हिम्मत जुटा लेना
धैर्यता रख कर बढ़ना
सफलता लगेगी सरल
सफलता तेरे पग चूमेगी
आज नहीं तो कल
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