जिला-रायगढ़,छत्तीसगढ़
विधा- मुक्त
विषय- दिवाली
शीर्षक- दीप से दीप जलाये रखना
दीप से दीप जलाये रखना
जलायी जो तुमने दीप प्रीत की,जीवन भर जलाये रखना।
किंचित ना तो तिमिर मन मे,तम की ज्वाला बुझाये रखना।
दीप से दीप जलाये रखना।।
मधुरता आये जीवन मे,रिस्तों में जज्बात बचाये रखना।
छोड़ अहम जिद को तुम,हर आंधी से दीये बचाये रखना।।
दीप से दीप जलाए रखना।।
टूटे ना कभी दीयों की कतारें,एकता ऐसे बनाये रखना।
जलता रहे सदियों तक ,स्नेह की बाती बटाये रखना।
दीप से दीप जलाये रखना।।
हर पग पर साथी मिलेंगे,राहों को सुंदर सजाये रखना।
मन मयूरी नाच उठे ,ऐसे संगीत बजाये रखना।
दीप से दीप जलाए रखना।।
रंगोली सुंदर लाल सजेगी,खुशबू फूलों का महकाये रखना।
झिलमिल होगी फुलझड़ियाँ,फटाकों को दहकाये रखना।
दीप से दीप जालये रखना।।
आयेगी दिवाली घर तुम्हारे,पलकें तुम बिछाये रखना।
उत्सव के इस पावनी छटा में,दिल से दिल को मिलाये रखना।।
दीप से दीप जलाए रखना।।
मौलिक रचना
अजय पटनायक
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