Monday, October 19, 2020

बलौदाबाजार से लीलाधर कुम्हार की रचना- ओस की बूंद

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार ( छ. ग. )
विषय - ओस की बूंद
विधा - छंद मुक्त कविता
शीर्षक - ओस की बूंद
***************************
       //  ओस की बूंद   //

नैसर्गिक     संरचना      न्यारी ,
मानो   धरती    रत्न    जड़ित ।
मोती  जैसे  ओस    की     बूंद ,
सजी-धजी दुल्हन ज्यों शोभित ।।

नभ   के   सर्व    सितारे   उतरे ,
सुबह     खेत - मैदानों      पर ।
चमके     दमके     जहाँ - तहाँ ,
शीतलता  बरसाते   झर - झर ।।

नग वाली नथ पहन के स्वच्छंद ,
चटक - मटक करती तृण-बाला ।
ऐसी   मोहिनी  रूप   ओस  की ,
कवि - दार्शनिक       मतवाला ।।

अद्भुत   सुंदर    चित्ताकर्षक ,
ओस   की   बूंद  लगती   है ।
तेज   धूप   स्पर्श    हवा  को ,
कभी   नहीं   वह  सहती है ।।

थोड़ा   जीवन  थोड़ी    साँसे ,
लेकिन  जी भर  जी  लेती है ।
रंग - रूप से सबको  लुभाती ,
प्रेम   लाभ   सुख   देती    है ।।

हमारा जीवन भी ओस की बूंद ,
अल्प समय  की अल्प कहानी ।
स्वस्थ  मस्त  हों  खुशियाँ  बाँटें ,
सबसे प्रेम व्यवहार की  बानी ।।

          ---#---#---#---


No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...