महासमुन्द, छत्तीसगढ़
शीर्षक-"कोरोना महामारी"
विधा-कविता(तुकांत)
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वायरस एक छोटा सा,
दुनिया को हिला दिया।
मंजर हुआ सहमा सा,
कड़वा घूँट पिला दिया।।
चीन के शहर वोहान से,
महामारी की हुई शुरूआत।
पनप गया पूरे संसार में,
दिनों दिन और रातों रात।।
इक्कीसवीं सदी की त्रासदी,
मचा दुनिया में हाहाकार।
हर जगह चालू लॉकडाउन,
सजग है जनता सरकार।।
जिम्मेदारी रक्षा खुद करें,
एक नया महाभियान चला।
सामाजिक दूरी बढ़ाकर,
बंद घरों में परिवार पला।।
संयम और सावधानी,
इस विपत्ति का तोड़ बना।
देशहित में पालन करना,
नुस्खा यह बड़ा बेजोड़ बना।।
तैलीय गुण वायरस का,
नमक साबुन लगने से जाय।
गर्म खाना पानी सूप चाय,
पीने से धीरे धीरे मिट जाय।।
सब जीवों से प्रेम करना,
प्रकृति से अब सीख लेते चलें।।
अनाज साग भाजी भोगें,
शाकाहार अपनाकर फूलें फलें।।
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