जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-चिड़िया का घोंसला
विधा-आलेख
चिड़िया का घोंसला वह स्थान होता है जहां एक पक्षी रहता है और अपने अंडे सेता है तथा बच्चों को उडने योग्य बनाता है ।
पक्षी अपना घोंसला कई तरीके से बनाते हैं ।
वे तिनके जुटाकर आपस में चिपकाने के लिए मकडी़ के जाले,मिट्टी,अपने मुँह से निकले लार आदि का इस्तेमाल करते हैं ।कुछ चिड़िया पत्तियों और मसालों को घोंसले में रखती हैं,वैज्ञानिकों की मानें तो बैक्टीरिया को मारने के लिए ही ऐसा करती हैं ।
कुछ चिड़िया फूलों से सजाती हैं अपना घोसला ।
कुछ पक्षी पेड़ों पर अपना घोंसला बनाते हैं,जिनमें भृगराज,डिंग डाल,मुटरी,भुजंगा,हरी तूती प्रमुख हैं ।
पेड़ों के ऊपरी भाग में घोंसला बनाने वाले पक्षियों में राजलाल,बाज व चील शामिल हैं ।
पेड़ों के तनों की सुराखों में घोंसला बनाने वाले पक्षियों में कठफोड़वा,पहाड़ी मैना,नीलकंठ,धनेश,तोता,उल्लू व हारिल आते हैं ।
सबसे अच्छा व सुंदर घोंसला बुनकर चिड़िया *बया* का होता है ,जो बहुत प्यारा व वाल हैंगिंग की तरह सुंदर तथा मनमोहक होता है ।बया अपने घोंसले में जुगनू टांकती है ।पहले घोंसले में गीली मिट्टी लगाती है फिर जुगनू लाकर उसमें चिपका देती है ।
यही जुगनू रात में चमकते हैं ।बया इन घोंसलों में उम्मीद भरे सुबह का इंतजार करती है ।
चिड़िया अपने घोंसले बहुत मेहनत से सजाती व बनाती है ।आइए संकल्प लें कि हम इनके आशियाने को नहीं उजाड़ेंगे व पक्षियों के संरक्षण व संवर्धन म अपना अमूल्य योगदान देंगे ।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर,छग
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