जिला एवं राज्य:- रायबरेली, उत्तर प्रदेश
शीर्षक:-बिटिया
विधा:-कविता
धन्य हुआ जीवन मेरा जब बिटिया ने घर जन्म लिया
तोहफा ये मेरे जीवन को ईश्वर ने कैसा अजब दिया
जिस दिन से घर में आई तू जीवन ये मेरा पूर्ण हुआ
बेटे को मेरे परी मिली बाबा को जैसे मिली दुआ
अपनी तोतली भाषा में जब तू मुझसे बतियाती है
मेरे प्राण पखेरू को तू उस पल ले उड़ जाती है
पर एक उदासी मेरे मन को हर पल यूँ ही सताती है
व्याह करूँगा एक दिन तेरा मन मे कसक भर जाती है
कन्या रूप में प्रभु ने मुझको परितोष यह गजब दिया
तोहफा ये मेरे जीवन को ईश्वर ने कैसा अजब दिया
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