Friday, October 23, 2020

कांकेर से नलिनी बाजपेयी की रचना- शीतलता

रचनाकारा- नलिनी बाजपेयी
संबलपुर, जिला-कांकेर,(छ. ग.)
  विषय-शीतलता

           शीतलता

तप्त ह्रदय की 
      शीतलता का एहसास,
जग में माँ तेरी 
     अहमियत  है  खास।

तुम ना हो तो हर
       हो जाता है उदास,
शीतल लहर लगे जीवन
       दायिनी  जब हो पास।

तुम करुणा,तुम ममता,
       तुम्हीं ज्ञान का खान,
तन-मन से बरसाती 
      शीतलता की खदान।

त्याग,साहस,स्नेह की
     अविरल धारा से बनती महान,
तुम्हारी महिमा को 
     जानता सकल जहान।

शीतल मन्द शरद की 
       बयार लगती हो तुम,
चाँदनी रात में शीतल 
       बहार बन बहती हो तुम।

व्याख्या-प्रस्तुत कविता में माँ को शीतलता का एहसास बताया गया है।माँ की अहमियत को बताया गया है।
_________________________
 
   नलिनी बाजपेयी
 संबलपुर, कांकेर,(छ. ग.)

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...