रचयिता-मीरा आर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-नवरात्रि
विधा-आलेख
या देवी सर्व भूतेषु शक्ति रुपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै
नमो नमः।।
जब- जब पृथ्वी पर पाप अत्याचार चरम अवस्था में होता है,तब -तब अधर्म के विनाश के लिए व धर्म की स्थापना के लिए आदिशक्ति का अवतरण होता है ।
नवरात्रि में मा भवानी के नौ रुपों का पूजन का विधान है ।यथा-
१.शैलपुत्री से -बल वृद्धि
२.ब्रह्म चारिणी- से बुद्धि वृद्धि
३ .चन्द्र घंटा से-ऐश्वर्य वृद्धि*
४.कुष्मांडा से-सुखवृद्धि
५.स्कंद माता-स्वास्थ्य सुख
६.कात्यायिनी माता-देवी भक्ति
७.काल रात्रि से- अभिजीत
८.महागौरी से- निर्भिकता
९.सिद्धि दात्री-संपन्नता
इसतरह माँ दुर्गा, शक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा की प्रतीक हैं ।हम जिनकी आराधना कर अपने आत्मबल व मालिक ऊर्जा में वृद्धि कर पाते हैं ।
आइऐ नवरात्रि के अवसर पर हम दुष्टों की संहारक,भक्तों की तारणहार,मनवांछित फल दात्री,मनोरथ पूर्ण करने वाली,सुख,शांति,ज्ञान,बुद्धि प्रदात्री,अज्ञानता हरने वाली माँ जगदम्बे का आह्वान करें,करोना रुपी राक्षस का संहार कर करोना पीड़ितों को जीवन दान दे।
नकारात्मक ऊर्जा का शमन कर सकारात्मक सोच दे।ताकि संपूर्ण विश्व में वसुूधैव कुटुम्बकम् की भावना जागृत हो सके।
हे अादिशक्ति,माँ भवानी सबके दुःख,संताप हरो।
आस्था के दीप जलाते अात्मबल.....प्रदान करो
कोरोना से भयभीत हैं जग में
हर शख्श माँ,
नव राह दिखा कर सब भक्तों का बेडा़ पार करो।
मीराआर्ची चौहान
Saturday, October 17, 2020
मीरा आर्ची चौहान कृत आलेख- नवरात्रि
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