राज्य - छत्तीसगढ़
जिला- महासमुंद
शीर्षक - बहुत शोर है यारों जमाने में।
विधा- मुक्तक(हिंदी उर्दू कविता)
बहुत शोर है यारों जमाने में..,
लगे हैं सब एक दूजे की खामियां गिनाने में।
कोई तो महफ़िल ऐसी सजे इस वीराने में,
बेशक़, शोर हो...मगर,
चंद किस्से तेरे,चंद मेरे,
और बस खिल उठे महफ़िल यूं ही खुबसूरत अफ़सानों में।
बहुत शोर है यारों जमाने में..,
कोई तो महफ़िल ऐसी सजे इस वीराने में..।
No comments:
Post a Comment