पता- कोरिया, छत्तीसगढ़
विधा-छंद मुक्त कविता
विषय- नदी
शीर्षक- यात्रा नदी की
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मैं नदी, मैं सलिला
पावन गाथा, सुन्दर लीला
मैं नदी, मैं प्रवाहिनी
सर्व जगत, जीवनदायिनी
मैं नदी, मैं नद
चलती निरंतर, चौमास या शीत- शरद
मैं नदी, मैं तनुजा
करता जग, देवी तुल्य पूजा
मैं नदी, मैं जलमाला
मेरे तट, देवस्थल और शिवाला
मैं नदी, मैं तटिनी
हरी-भरी, मुझसे अवनी
मैं नदी,मैं तट
आश्रित मुझ पर, अनगिनत बसाहट
मैं नदी, मैं निर्झरिणी
आद्योपान्त, परोपकारिणी
मैं नदी, मैं सरिता
अमृतधारा सिखाती, जीवन संहिता
मैं नदी, मैं तरंगिणी
सागर विशाल की, मैं संगिनी
- बिजेन्द्र अहीर
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