रचनाकार -उर्मिला सिदार
ग्राम- बुलाँकी
जिला- रायगढ़ (छत्तीसगढ़ )
विधा-कविता
विषय -"नदी"
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*नदी*
उतुंग शिखर,
उद्गम स्थल।
झर -झर प्रवाहित,
शीतल निर्झर।
गिरि गह्वर,
कंदरावो से,
तीव्र वेग ,
मचल-मचल।
स्थिर मैदानो से,
गंतव्य प्रवाह,
वेग चंचल।
कल -कल नाद ,
सु स्वर।
सदा अविरल ,
सरिता चंचल।
अनुस्युयत,
अग्रसर,
मंद वेग,
डेल्टा सृजन।
सिंधु मिलन,
विलय नीर,
गंतव्य।
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उर्मिला सिदार रायगढ़ छत्तीसगढ़
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