जिला :- राजनांदगाँव (छ. ग.)
विधा :- कविता
शीर्षक:-"धर्मों में एकता हो"
एक बूंद से उपजे जहान
एक खुदा की सब संतान,
मानव मानव एक समान,
सबके मन में ये बात हो,
धर्मों में एकता हो,
भाईचारा साथ हो !
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई ,
दिवाली ईद में बांटे मिठाई ,
आपस में रहें भाई -भाई
मजहब पर न दंगा फसाद हो,
धर्मों में एकता हो ,
भाईचारा साथ हो !
धर्म के नाम पर न लड़े,
विरोधी बनकर न खड़े,
भाई बनकर पीड़ा हरे,
आपस में न कोई घात हो ,
धर्मों में एकता हो,
भाईचारा साथ हो!
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