रचियता-मोनालिसा बेहरा
रायगढ़, छत्तीसगढ़
विधा-निबंध लेखन
विषय-समाज सेवा
किसी भी राष्ट्र का निर्माण समाज से होता है और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के भले के लिए जो कार्य किया जाए वही समाज सेवा है।देश के महान समाज सेवियों ने समय और परिस्थितियों के अनुसार अंधविश्वास और कुरीतियों को मिटाकर समाज सेवा की है। देश के प्रत्येक समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब तक प्रयत्न नही करेगा तब तक विकास रुका रहेगा।
समाज सेवा एक ऐसा कार्य है जो समाज की भलाई के लिए की जाए।आजादी के इतने वर्षों बाद भी हमारे देश मे गरीबी ,भुखमरी,महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी फैली हुई है। कुछ लोग होते हैं जो सिर्फ अपने लिए जीते हैं ,भविष्य के लिए रुपये जोड़ते रहते हैं उन्हें दुसरो से कोई मतलब नही होता पर जीवन की सार्थकता तो दूसरों की सहायता करना,उनके हित के कार्य करना ही है वही इंसान इंसान कहलाने के योग्य है जिसमे इंसानियत है।जब हम सक्षम हैं तो हमे लोगो का सहायता अपनी क्षमता के अनुसार तो करना ही चाहिए।
इस महामारी के दौर में कितनो की रोजी -रोटी छीन गई, नोकरियाँ चली गई,मजदूर अपने घरों को पलायन करने को मजबूर हो गए।बहुत लोग आगे आये इनकी सहायता भी किया पर काफी न था क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति में सेवा का भाव नही था कुछ तो अपना उल्लू सीधा करने में ही लगे थे। लेकिन सोनू सूद जैसे लोग भी हैं जो फिल्मो में भले ही नकारात्मक किरदार निभाते हों पर असल में भगवान का रूप बन हज़ारों लोगों को उनके घर पहुंचाया उनकी सहायता की हमें ऐसे लोगो को अपना प्रेरणा मान समाज के प्रति अपना योगदान देना चाहिए।जब सब समाज सेवा में आगे आएंगे तो समाज तो बदलेगा ही देश भी तरक्की करेगा।
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