जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-साक्षरता दिवस
विधा-कविता ( मुक्त छंद)
विश्व साक्षरता दिवस पर
आओ मिलाकर कदम
उन बच्चों को साक्षर
कर दें जो आज भी कोशों
अपने लक्ष्य से दूर हैं।
उन हाथों को मजबूत करें
जो कभी कामयाबी के
सपने देखे थे और करोना
की महामारी से आहत हो
कैद हैं अपने ही घर में।।
आओ हौसला बढ़ायें उनके
लक्ष्य पाने को प्रेरित करें कि
छैनी का प्रहार सहे बिन
पत्थर भी भगवान नहीं
बन पाता है जमाने में।।
*मीरा आर्ची चौहान*
*कांकेर,छग*
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