रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
जिला- बिलासपुर छ. ग.
विधा- निबंध
विषय- समाज सेवा
शीर्षक _समाज में हमारे कर्तव्य
समाज सेवा मतलब समाज मे रहने वाले प्रत्येक प्राणी के जीवन को सुरक्षित एवं सुखमय बनाने मे अपना थोड़ा सा योगदान देना | हाँ यही समाज सेवा है | पर हर व्यक्ति हर किसी की या सभी लोगो की सभी प्रकार की सेवा नहीं कर सकता है | इसलिए समाज मे जो सम्पन्न लोग है |उन्हें चाहिए की अपने रूचि एवं समर्थ के अनुसार किसी भी एक प्रकार के एक कार्य को हाथ मे लेकर उस कार्य से लोगो की मदद करे| अर्थात की किसी एक समस्या को दूर करने का प्रयास करे | और आगे बढ़ने हेतु ऐसे गरीब कमजोर बच्चों को लोगो को प्रोतसहित करे | जिससे सही मायने मे समाज सेवा हो सके|
अपने आसपास गलत ना होने दे हमें क्या करना है |जैसी सोच ही आज मानव के इस सभ्य समाज को पशु तुल्य बना दिया है |लोग बिना संकोच स्वार्थ के वशीभूत हो ऐसा कार्य करने लग गए है | जिसके कारण हमें अपने समाज को लोगो को इंसानों का समाज कहने मे शर्म महसूस होती है |
अच्छे कार्य कर समाज के जरूरत मंद लोगो की मदद करे उन्हें अपना सहयोग दे |तभी पूरी मानव जाति का कल्याण हो सकता है |
इसलिए आइये हम सब मिलकर सही सोच रख कर अपने स्वार्थ को भूल जो कर्तव्य है |हमारे समाज के प्रति उसे पूरा करने मे योगदान दे |आगे बढ़े और एक सभ्य समाज की स्थापना मे मे भागीदार बने |
रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
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