ग्राम- बुलाँकी
जिला -रायगढ़ (छत्तीसगढ़ )
विधा -कविता
शीर्षक "भ्रमर"
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*भ्रमर*
श्याम वरण काला भ्रमर,
बगियन- बगियन करता भ्रमण।
मधुर राग धुन सुनाता ,
कलियन -कलियन चुमन करता।
छः टाँग की काला भ्रमर,फर
फर- फर -फर उड़े मचल।
रस पराग चूस कर वह,
ले जाता अपना महल।
चमन उसका राजमहल है,
सुमन उसकी कृषि ।
श्याम रंग काला भ्रमर,
श्याम सम छवि दिखती।
श्याम सम श्याम म्रमर,
बिन बाँंसुरी छेडे़ तान।
कर्ण प्रिय लगाता धुन,
गुंजन कर उडे़ चमन।
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उर्मिला सिदार रायगढ़ छत्तीसगढ़
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