Thursday, September 17, 2020

अनुरमा शुक्ला कृत आलेख- जीवन और वर्तमान

रचनाकार-अनुरमा शुक्ला
स्थान-दुर्ग (छ.ग.)
विधा - आलेख
शीर्षक- जीवन और वर्तमान चुनौतियाँ 


अपनी सहजता से चलती हुई नियमित दिनचर्या में छोटी सी भी परेशानी आ जाए तो हम विचलित हो जाते हैं जब तक वह समस्या खत्म नहीं हो जाती, वर्तमान समय में जो समस्या हमारे सामने खड़ी है वह एक आम आदमी से लेकर पूरे विश्व के लिये है यह शारीरिक मानसिक आर्थिक हर तरह से तकलीफ़ पहुंचा रही है हर इंसान के लिये तथा प्रशासन के लिये बहुत बड़ी चुनौती है इसे जड़ से कैसे समाप्त किया जाए एवं किस तरह क्षति की भरपाई करें और देश विकास की ओर अग्रसर हो ।

भारत ने पिछले पाँच वर्षों में व्यापार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं,विशेष तौर पर जी एस टी और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने बड़ी संख्या में विदेशी निवेशकों को भारत की तरफ आने के लिये मजबूर किया है। लेकिन वर्तमान समय में कोरोना महामारी जैसे आपातकालीन चिकित्सकीय आपदा से देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है आपदा प्रबंधन एक चुनौती बनी हुई है।
भारतीय अर्थव्यवस्था पहले ही ३.८ फीसदी राजकोषीय घाटे में चल रही है, अब इस समय विभिन्न आय देने वाले कार्य जैसे- फैक्ट्रियाँ,व्यापार,पर्यटन,दुकान आदि के बंद हो जाने से मजदूर से लेकर बड़े व्यापारी तक आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।
सबसे अधिक नुकसान शिक्षा के क्षेत्र में हुआ,शिक्षण संस्थानों का संचालन ना हो पाने से बच्चों का भविष्य मुश्किल में है इस तरह से
बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हुई है मजदूर भी डरे हुये हैं।

इन समस्याओं के समाधान के लिये एक प्रयास- छात्र छात्राओं में नई खोज करने की क्षमता को परखने के लिये मानव संसाधन मंत्रालय ने एक नया कार्यक्रम शुरु किया है, देशभर के विद्यार्थी ऐसे उपायों की खोज करेंगे जिनसे कि सरकारी एजेसियां स्वास्थ्य सेवाओं,अस्पतालों एवं अन्य सेवाओं को असमय आई चुनौतियों का त्वरित समाधान उपलब्ध करवाया जा सके। समाधान सुलझाने वाले छात्रों तथा अध्यापकों को २ लाख रु.नगद पुरस्कार दिए जायेंगे।
इसी प्रकार रोजगारपरक कार्य भी शुरु करवाने होंगे ।
 हमें भी मानसिक शांति रखने के साथ-साथ मितव्ययी बनना होगा, सरकार के द्वारा जो प्रोटोकॉल निर्धारित किया जाता है उसका पालन करना होगा । स्वास्थ्य के प्रति स्वयं जागरूक रहना होगा तथा ल़ोगों में भी जागरूकता लानी होगी, तभी हम इस समस्या से ऊबर पायेंगे ।

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