रचनाकार _ सावित्री यादव "सावि"
बिलासपुर छ. ग.
विषय _ आध्यात्मिक क्षेत्र पर आधारित
जय श्री गणेश जय श्री गणेश |
विघ्न को हर लो जितने है शेष |
सूर्य की रौशनी से भी ज्यादा तेज है |
आपके मुख मंडल का तेज |
आपका नाम लेते ही पुरे होते सारे काज |
जय श्री गणेश, जय श्री गणेश |
माँ पार्वती के लाडले गणो में श्रेष्ठ
भोलेनाथ के प्रिय प्रथम पूज्य गणेश
जय श्री गणेश, जय श्री गणेश q
कार्तिक को भी पीछे किये |
माता पिता का करके परिक्रमा |
आपने ही बताया माता पिता है|
सबसे बड़े है| और है | श्रेष्ठ |
जय श्री गणेश, जय श्री गणेश |
बाँझन को पुत्र देते निर्धन को देते माया |
माया आपके अनोखे| अनोखी आपकी कया |
जय श्री गणेश जय श्री गणेश |
सुन लो विनती हे लम्बोदर |
हे एकदन्त महादेव के लाल |
सिंदूर का लगता तिलक आपके भाल
करो कल्याण हे गणेश |
जय श्री गणेश, जय श्री गणेश |
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