जिला-कोरबा छत्तीसगढ़
विधा -स्वतंत्रता दिवस पर छंद मुक्त कविता
शीर्षक- स्वतंत्रता दिवस
प्रस्तुत है कविता-
स्वतंत्रता दिवस का पर्व आया है ।
नभ में तिरंगा लहरा लहरा कर ,
भारत माता की जय घोष से
समस्त फिजाओं को
गुंजार करना है ।
विभिन्नता में एकता
प्यारा धर्म हमारा है ।
भाई चारा सलामत रहे ,
यही हमारा नारा है ।
गरीबी उन्मूलन करने में,
देश हमारा सीढी दर सीढी चढ रहा है ।
आँखों देखी बात कहूँ आज ,
देखकर जिसे मन हर्षित हुआ था,
जिन घरों से मेहनतकश; भोर में
बासी खाकर निकलते थे ,
उन्ही घरों में देखा
आज मैंने
पुड़ी और पराठे बनते हैं ।
ऊँच-नीच की इस खाई को ,
पायदान दर पायदान बढाना है ।
देश से अंधी अशिक्षा मिट जाऐ ;
अब यही अलख जगाना है ।
स्वतंत्रता दिवस का पर्व है आया नभ में तिरंगा लहराना है ।
गोमती सिंह
कोरबा छत्तीसगढ़
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