कवयित्री- द्रोपती साहू "सरसिज"
जिला-महासमुन्द, छत्तीसगढ़
शीर्षक-श्री कृष्ण लीला
विधा-कविता(तुकांत)
जगाकर मन में वात्सल्य भाव,
किया रौशन माँ यशोदा का नाम।
लेकर अवतार यदु कुलभूषण,
तज राधा प्रेम किया अद्भुत काम।।
पाया तब पद वह ईश्वर का,
जब अत्याचार का नाश किया।
निर्दोष प्रजा की रक्षा करना,
जग को यह शुभ संदेश दिया।।
करके संहार दुराचारी का,
मित्र की मित्रता संग न्याय किया।
मोह छोड़कर संग्राम करने,
निराश धनुर्धर को साहस दिया।।
आत्मा अमर है देह नश्वर,
गीता में है अमिट उपदेश दिया।
निश्चित मिलता है कर्म फल,
प्रकृति नियम कद प्रमाण दिया।।
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