Monday, August 17, 2020

महासमुन्द से द्रोपती साहू "सरसिज" की रचना- मेरा भारत

द्रोपती साहू "सरसिज"
जिला-महासमुन्द, छत्तीसगढ़
शीर्षक;"मेरा भारत महान"
विधा-गीत

              *****
मेरा भारत देश महान है,
हमारी आन बान शान है।
सुन्दर संस्कृति यहाँ की,
बढ़िया मेल खान पान है।
मेरा …...........

इतिहास रहा है हमारा,
सदियों से गौरवशाली।
धन की कमीं नहीं थी,
और गहरा था भाईचारा।।
गाते थे गाथा गौरव,दुनिया की ज़ुबान है...
मेरा…...........

कहलाते थे सोन चिड़िया,
खुशियों से भरी पुड़िया।
नियत खोटी थी गोरों की,
यहाँ नज़र जमीं औरों की।
करके छल पाँव जमाया निकला बेईमान है….
मेरा…...........

मातृभूमि की रक्षा खातिर,
लड़े लड़ाई होकर आतुर।
नई आजादी लाने सपूत,
मिल कर एक हुए चातुर।
आज़ाद हुआ देश मिटा बर्तानी निशान है…..
मेरा …..........

जज्बा था देशभक्ति का,
किया प्रदर्शन शक्ति का।
दिखाया अपना वो साहस,
बैठा नहीं थककर वापस।
प्राणों की कुर्बानी से आजाद हिन्दुस्तान है…...
मेरा देश भारत महान है,
हमारी आन बान शान है।
            *****
           

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