जिला बेमेतरा
विधा कविता
शीर्षक- ऐसे हैं श्रीराम....
राम नाम का जप करें,
हो जाए जीवन नदिया पार।
ऐसा नाम प्रताप है जिनका,
ऐसे हैं श्रीराम।
भोले भाले हृदय के वासी,
जहां मिले थोड़ा सा प्यार।
अपना सर्वस्व न्योछावर करते,
ऐसे हैं श्रीराम।
माता का ममत्व देख,
हो गए वो विभोर।
और शबरी माता के हाथों से,
खा लिए जूठे बेर।
ऐसे हैं श्रीराम।
द्वापर के अवतारी,
पर जिये हमेशा सादा जीवन।
कईयों का उद्धार किया,
लोगों का जीवन नौका पार किया ।
पर नहीं किया कभी घमंड,
ऐसे हैं प्रभु श्रीराम
ऐसे हैं प्रभु श्रीराम,
उनका बखान मै क्या कर पाऊं!!!
श्रीराम प्रभु और प्रभु नाम की,
महिमा है अपरंपार।
जितना भी गुणगान करें,
आदी अनन्त समान......
।ऐसे हैं प्रभु श्रीराम हम सबके।
।।जय श्री राम।।
Wow
ReplyDeleteबहुत सुंदर !!
ReplyDeleteबेहतरीन लेख
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