Monday, August 17, 2020

रायपुर से देवयानी शुक्ला की रचना- बीती स्मृतियाँ

०१. रचनाकार :- _देवयानी शुक्ला_

०२. जिला/राज्य :- रायपुर (छत्तीसगढ़)

०३. शीर्षक :- *बीती स्मृतियाँ*

०४. विधा :- मुक्तक

०५.दिनांक :- 17/08/2020
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*बीती स्मृतियाँ* 

बीती स्मृतियाँ काई होती हैं ;
पलकों पर उगी,
हरी,मुलायम,
फिसलन भरी काई ;
जिस पर पग धरते ही मन फिसलकर दूर ...
बड़ी दूर निकल जाता है ।

जहाँ ऊब की केंचुली उतार
उछाह ताज़ी हो जाती है 
और हमारे उम्र की दहाईयाँ 
छोटी हो जाती हैं।

जहाँ छोटी-बड़ी स्मृतियाँ 
'म' से शुरु कर खेलने लगती हैं अंताक्षरी।
चहकती हैं गप्पों से शामें,
किताबों के सीने में गुज़रती है दोपहरी।

जहां अच्छे दिनों के मीठे फल 
उचक कर तोड़ने पड़ते हैं ;
और बीते पलों के कड़वे 
अनुभव पीछे छोड़ने पड़ते हैं ।

ये स्मृतियों की भीनी धूप 
जब-जब भी चमकती है ।
हृदय भर आता है ,
आँखें देर तक बरसती हैं ।।
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