Saturday, August 22, 2020

रायगढ़ से पुष्पा पटनायक की रचना- प्रभु गणपति

रचयिता :-पुष्पा पटनायक 
स्थान :-   बनाई तमनार, रायगढ़ 
विषय :-   प्रभु गणपति
विधा :-    कविता
शीर्षक :-"गण अधिपति"
***********************
लक्ष्मी सरस्वती साथ लिए 
                  सदा   आते  गणपति 
जगत के सब कारज सवांरे  
                  रिद्धि- सिद्धि के हैं पति  
बोलिए प्रेम से सब मिलकर 
                 जय गणपति जय गणपति ।
गोल मटोल है इनकी छवि 
                  विघ्नहर्ता  ये   कहाते 
लाडले हैं पार्वती मां के 
                  ये  हैं  गण  अधिपति 
प्रेम से बोलिए सब मिलकर 
                 जय गणपति जय गणपति ।
चंद्र के अहंकार तजे
                  असुरों  के  प्राण  हरे 
माता- पिता के चरणों में 
                  सारा  संसार  हैं  रखे
माता-पिता की महत्ता निखारे
                 उन की परिक्रमा करि- करि 
प्रेम से बोलिए सब मिलकर 
                 जय गणपति जय गणपति ।

2 comments:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...