कवयित्री- गीतांजली वार्ष्णेय
ऑवला,बरेली, उ.प्रदेश।
प्रतीक्षा
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प्रतीक्षा में एक बात चली,
क्या तुमने सुनी,क्या तुमने सखी।
कोरोना से पीड़ित हैं बिग बी,
अरे,हाँ सखी,अरे,हाँ सखी।।
कर रहे थे प्रतीक्षा'कौन बनेगा करोड़पति",
कैसे भगाये कोरोना,समझा रहे थे घड़ी घड़ी ।
हाँ सखी री,हाय सखी।।
बहुत हुए लखपति,
अब कोरोना भी बनने चली करोड़ पति।
हॉट सीट पर कोरोना,
प्रश्न पूछ रहे बिग बी।।
कब होगा प्रस्थान तुम्हारा
क्यों हाथ धो पीछे पड़ी?
तुम हाथ धो दूरी बनाओ,
बनने को करोड़पति ,
कबसे प्रतीक्षा में हूँ खड़ी।।
बिग भी ने ज्यूँ ही हाथ मिलाया,
अभिषेक,ऐशवर्या, आराध्या से भी जा भिड़ी।
नन्हीं आराध्या ने फरमाया
तुझको हमसे लड़ना होगा,
हार का हार पहनना होगा।
न बनने देंगें तुझको करोड़पति।।
अरे हाँ सखी,अरे हाँ सखी।।
गीतांजली वार्ष्णेय
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