Tuesday, July 7, 2020

राजनांदगांव से दूजराम साहू की रचना- अंगना में रे चहकती हे चिरईया

रचनाकार - दूजराम साहू
जिला - राजनांदगाँव
शीर्षक - अंगना म रे चहकत हे चिरईया! 


भईया उठ ग किसान ! 
चल बोए बर धान ! 
अंगना म रे चहकत हे चिरईया !!


अब सोये के बेरा नईहे भईया! 
बेरा पंग पंगागे ! 
कोठा में बांधे जोड़ी बईला! 
ऐती ओती झांके! 
भईया अब होगे नवा बिहान ! 
चल बोए बर धान ! 
अंगना म रे चहकत हे चिरईया !! 

झिमिर -झिमिर पानी बरसे ! 
झुमके नाचे मैना रानी ! 
कड़कत बिजली गरजत बादर! 
चुहे ओईरछा झानी ! 
गरीब गुरुवा के मितान ! 
रखथस सबो के धियान ! 
अंगना म रे चहकत हे चिरईया !!

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