Tuesday, July 28, 2020

बिलासपुर,छत्तीसगढ़ से कवयित्री मीनाक्षी अवस्थी 'छाया' जी की कविता- अनुभूत सत्य

कवयित्री- मीनाक्षी अवस्थी 'छाया'…
जिला- बिलासपुर,छत्तीसगढ़
शीर्षक- अनुभूत सत्य
विधा-दोहा

 हाव,भाव,पहनाव से, नारी रहें सतर्क।
जनमानस की दृष्टि में,निश्चित होगा फर्क।।
विगत न भूले भूलता, आगत की सुधि गौन।
 आज हुआ बोझिल जहाँ, कल बहलावे कौन?।।
  आए सहसा जब विपत,तज मत साहस,सब्र।
   युक्ति-बुद्धि से तब बना, कारक जन की कब्र।।
 लाख यत्न करके थके,भुला सके कब पीर।
  मुख पर मृदु मुसकान रख,भीतर हृदय अधीर।।
  नित्य नया सूरज उगे,नित्य नया दिनमान।
   भूल विगत को अब करें,नूतन नव अभियान।।
  धुरी स्वयं की देखिए,गलत सही का फर्क
   सत्य सदा ऊँचा रहे ,चलें न कोई तर्क।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...