जिला - बलरामपुर(छ. ग.)
शीर्षक - कोरोना एक आपदा
ये कैसी वबा फैलीं है इन हवाओ में
जो जान लेने को बस आतुर हुई है
देखो न,चारो तरफ आफत आयी है
मानव पर कैसी विपदा की बादल छाई है !! (१)
लक्षण भी कितना समान लेके आयी है
इस बार तो ये तबीब को भी खा रही है
बच्चा,बुढ़ा या जवान किसी को नहीं बक्शा है
देखो न,कोरोना आपदा बन हमपर छाई है !! (२)
ख़ुदा ने भी हमको सज़ा दी है इस बार
हाथों को बांध,देख रहा है मौत का नाच
सब कुछ खत्म करना शुरू कर दिया है
कोरोना जान लेवा बन हमपर छाई है !! (३)
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