Monday, July 27, 2020

जांजगीर चांपा,छत्तीसगढ़ से कवयित्री रंजना मखीजा जी की कविता:-जीवन का सत्य

कवियत्री  रंजना मखीजा
पता- थाना रोड अकलतरा,जिला जांजगीर चांपा,छत्तीसगढ़

शीर्षक  ***जीवन का सत्य*****
आज संबंध निभाने की सबकी बारी थी
जमा थी भीड़, शव उठने की तयारी थी
   
       
  शांत, निर्विकार आज भाव थे उसके
   जिसकी कभी शब्दों से यारी थी
   आज संबंध निभाने की सबकी बारी थी 


आने वाला हर व्यक्ति उसके गुण बता रहा था।
 कितने अच्छे थे,भले थे जाता रहा था।
जीते जी ना वास्ता रखा कभी भी
लाजवाब आज उनकी अदाकारी थी।
आज संबंध निभाने की....


 गुजरते वक़्त के साथ जीवन चलने लगा।
हर शख्स दुनिया के रंग में ढलने लगा।
यही "जीवन का सत्य" है,समझ लो
यही कथा सबकी,ये व्यथा तुम्हारी भी
आज संबंध निभाने की सबकी बारी थी।

45 comments:

  1. ���� यथार्थता बोधक कविता,शब्दावली हृदयस्पर्शी अति सुंदर !����

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  2. बहुत सुंदर दिल को छू लेने वाली कविता

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  3. 🖒🖒🖒🖒🖒🖒👏👏👏👏

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  4. Aaj k parivesh ki vastavikta se avgat karati hui💯

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  5. बहुत अचछा

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  6. Wow!!! Bhabhi u r amazing.. Damn true👍👍👍👍

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  7. Beautifully presented the truth of life .again I am fond of u mam 😊😊😊 beautiful

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  8. Yatharth batati hui rachna

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  9. जिंदगी का एक सत्य....👌👌

    आपकी कविता से आज हमे बहुत प्रेरणा मिली ...।।
    आप आगे भी अपने विचारधाराएं अपनी कविता के माध्यम से हम तक हमेशा पहुंचतेप रहें .....।।


    🙏🙏🙏

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  10. Wow mam bhut hi sundar just like u

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  11. दिल से लिखी बाते.... ।।

    रंजू mam youare2 good🌹🥰🥰🥰

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  12. Lovely ( preeti)

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  13. जीवन का एक सत्य .... 👌👌

    आपकी कविता से आज हमे बहुत प्रेरणा मिली ...।
    आप आगे भी अपने विचारधाराओं को अपनी कविता के माध्यम से हम तक हमेशा पहुंचाते रहें .....। 🙏

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  14. बहुत सुंदर रचना

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  15. Bahut sunder aur satik hai Ranju

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  16. This comment has been removed by the author.

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  17. बेहतरीन

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  18. Katu सत्य

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  19. बेहतरीन

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