रायगढ़,छत्तीसगढ़
विधा-मुक्त छंद
विषय-एपीजे अब्दुल कलाम पर आधारित
शीर्षक- बारम्बार सलाम
इस पावन धरा को
और पावन करते कलाम
उस वीर सपूत को
बारम्बार सलाम
जो आधी रोटी खा के
उसने इतिहास बदल डाला
सपनों का भी अर्थ,
पहचान बदल डाला
संघर्षों से हार जिसने
कभी ना मानी वो कलाम
ही थे स्वाभिमानी
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर
हिंदुस्तान का पहचान बनाया
पृथ्वी, अग्नि जैसे मिसाइल
देकर राष्ट्र का गौरव बढ़ाया
देश के चहेते राष्ट्रपति ,मिसाइल
मेन उस कलाम को
बारम्बार सलाम
वो सीखते और सिखाते रहे
युवाओं का जोश बढ़ाते रहे
जिनकी कही हर बात
एक अमूल्य धरोहर है
उस पद्मभूषण, पद्मविभूषण
भारत रत्न कलाम को
बारम्बार सलाम
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